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बवासीर का इलाज (Bawaseer Ka Ilaj), बवासीर का घरेलू उपाय (Bavasir ka Gharelu Upay or Piles ka Gharelu Ilaaj)

बवासीर, जिसे अंग्रेजी में ‘piles’ कहा जाता है, एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो गुदा क्षेत्र में होती है। यह आमतौर से गुदा के आस-पास की नसों में सूजन के कारण होता है जिससे तकलीफ हो सकती है।

बवासीर के लक्षण

बवासीर के लक्षणों में खून के आने, मल त्यागने में तकलीफ, गुदा के चारों ओर सूजन और दर्द शामिल हो सकते हैं। यह एक आम समस्या है, लेकिन सही समय पर उपचार की जरूरत है।

बवासीर के घरेलू इलाज – Bavasir ka Gharelu Upay or Piles ka Gharelu Ilaaj

1. Piles ka Gharelu Ilaaj – त्रिफला का सेवन: त्रिफला बवासीर के उपचार के लिए फायदेमंद है। इसे रात को सोते समय गरम पानी के साथ सेवन करना बवासीर की समस्या में मदद कर सकता है।

2. बबूल की छाल का उपयोग से Badi Bawaseer Ka Ilaj / Bavasir ka Ilaaj: बबूल की छाल को पानी में उबालकर उस पानी का सेवन करना बवासीर को ठीक करने में मदद कर सकता है।

3. नींबू का रस उपयोग से Badi Bawaseer Ka Ilaj / Bavasir ka Ilaaj: नींबू का रस एंटी-इनफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है और इसे bavasir ka gharelu upay के लिए लाभकारी माना जाता है।

4. आलू बुखारे का उपयोग से Badi Bawaseer Ka Ilaj / Bavasir ka Ilaaj: आलू बुखारे को गुदा क्षेत्र पर लगाने से राहत मिल सकती है। इसे बवासीर के दर्द में कमी करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे bavasir ka gharelu upay के लिए लाभकारी माना जाता है।

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बवासीर के स्पेशलिस्ट डॉक्टर|

Bawaseer ka Ilaj

5. piles ka gharelu ilaaj -गर्म पानी का इस्तेमाल: गर्म पानी से नहाना और गर्म पानी की सित्ती बवासीर के दर्द को कम करने में मदद कर सकती है।
• गरम सिट्ज बाथ से Bawaseer Ka Ilaj / bavasir ka ilaaj
• गरम पानी में गुदा क्षेत्र को 15-20 मिनट के लिए डालना दर्द को कम कर सकता है और सूजन को कम कर सकता है।
• इसमें एप्सम सॉल्ट जोड़ना इसके सुखाने वाले प्रभाव को बढ़ा सकता है

6. एलोवेरा जेल उपयोग से bavasir ka gharelu upay (piles ka gharelu ilaaj)
• प्रभावित क्षेत्र पर पुरे एलोवेरा जेल लगाना खुजली और सूजन से राहत प्रदान कर सकता है।
• एलोवेरा की प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लैमेटरी गुण सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

आयुर्वेदिक उपचार (badi bawaseer ka ilaj ayurvedic)

1. अर्शकल्प वटी: इसे बवासीर के उपचार के लिए उपयोग किया जा सकता है। यह आयुर्वेदिक औषधि गुदा क्षेत्र की सूजन को कम करने में मदद कर सकती है।
2. त्रिफला घृत उपयोग से Bawaseer Ka ayurvedic Ilaj: त्रिफला घृत बवासीर के लिए एक प्रमुख आयुर्वेदिक उपाय है जो सूजन को शांत करने में मदद कर सकता है।
3. अरग्वधा रस उपयोग से badi Bawaseer Ka Ilaj ayurvedic: अरग्वधा रस को दिन में दो बार लेना बवासीर के लिए लाभकारी हो सकता है।
4. ARSOSHAIN Tablet – Sushain Arsoshain Tablet को दिन में दो बार लेना बवासीर के लिए लाभकारी हो सकता है। Bawaseer Ka ayurvedic Ilaj है, उपयोग शुरू करने से पहले चिकित्सक से सलाह लें

आहार में संशोधन:
• फल, सब्जियां, और पूरे अनाज जैसे ऊर्जा से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करके दस्तावेजीय चलन को बनाए रखने के लिए।
• मल को मुलायम करने के लिए प्रतिदिन पर्याप्त पानी पिएं, जिससे गुदा क्षेत्र पर दबाव कम होता है।

ध्यान रखें कि यदि बवासीर के लक्षण बने रहते हैं, तो सबसे अच्छा है कि आप एक चिकित्सक से सलाह लें और उचित उपचार करें। इन घरेलू उपायों का उपयोग शुरू करने से पहले चिकित्सक से सलाह लें sushainclinic.com|

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